एक पावन स्थल — जहाँ भक्ति, आनंद और आध्यात्मिक विकास एक साथ होता है।






सेक्टर 18 में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर एक प्राचीन और अत्यंत श्रद्धेय धार्मिक स्थल है, जो भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को समर्पित है। इस मंदिर की स्थापना समाज के श्रद्धालु और भक्तों के सामूहिक प्रयास से हुई थी। कहा जाता है कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को एक ऐसे पवित्र स्थान की आवश्यकता थी जहाँ वे नियमित रूप से पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियाँ कर सकें। इस उद्देश्य से मंदिर की नींव [स्थापना वर्ष डालें] में रखी गई, और कुछ वर्षों में इसे पूर्ण रूप दिया गया।
मंदिर का वास्तुशिल्प पारंपरिक शैली में बना हुआ है, जिसमें सुंदर कलाकृतियाँ, नक्काशीदार स्तंभ और रंग-बिरंगे चित्रों के माध्यम से श्री राधा-कृष्ण की लीलाओं को दर्शाया गया है। यहाँ की मूर्तियाँ अत्यंत आकर्षक और भावपूर्ण हैं, जिन्हें देखकर श्रद्धालुओं का मन भक्तिभाव से भर जाता है। प्रतिदिन यहाँ आरती, भजन-कीर्तन और प्रवचन जैसे कार्यक्रम होते हैं, जो लोगों को आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
जन्माष्टमी, राधाष्टमी, होली और अन्य धार्मिक पर्व यहाँ बड़े धूमधाम और भक्ति भाव से मनाए जाते हैं। इन अवसरों पर मंदिर को फूलों, दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है और हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर न केवल पूजा का स्थल है, बल्कि यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है, जहाँ नियमित रूप से सत्संग भागवत कथा, योग शिविर और सेवा कार्य आयोजित होते हैं।
नियमित कार्यक्रम:
प्रातः आरती: 6:30 बजे
सायंकाल आरती: 7:00 बजे
भजन-कीर्तन: प्रत्येक रविवार को शाम 6:00 बजे से
साप्ताहिक सत्संग: हर शनिवार को शाम 5:00 बजे
विशेष सूचना:
इस माह जन्माष्टमी उत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। कृपया अधिक जानकारी के लिए कार्यालय से संपर्क करें। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि मंदिर परिसर में साफ-सफाई बनाए रखें एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखें।
संपर्क:
मंदिर कार्यालय – [फोन नंबर/सम्पर्क विवरण]
आपकी सहभागिता हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
– मंदिर प्रबंधन समिति
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Summer Timings : 4 AM to 10 PM
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